Posts

Showing posts from June, 2026

ईदगाह by प्रेमचंद POST-2

ईदगाह प्रेमचंद Idgaah - Full Story | Class 11 Hindi Chapter 1 | Antra नोट: प्रस्तुत पाठ एनसीईआरटी की कक्षा ग्यारहवीं के पाठ्यक्रम में शामिल है। रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आई है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक़ है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है। गाँव में हलचल मची हुई है। सभी लोग ईदगाह जाने की तैयारी कर रहे हैं। बच्चों में सबसे अधिक खुशी है। उन्हीं बच्चों में एक छोटा-सा लड़का हामिद भी है। हामिद बहुत गरीब है। उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। वह अपनी बूढ़ी दादी अमीना के साथ रहता है। उसके पास केवल तीन पैसे हैं, लेकिन उसके मन में बहुत उत्साह है। अमीना चिंतित है क्योंकि घर में खाने तक का सामान नहीं है। फिर भी वह हामिद को मेले में जाने देती है। गाँव के बच्चे मेले की ओर निकलते हैं। रास्ते में शहर की बड़ी-बड़ी इमारतें, अदालत, कॉलेज और मिठाई की दुकानें देखकर वे तरह-तरह की बातें करते हैं। ईदगाह पहुँचकर सभी नमाज़ पढ़ते हैं। नमाज़ के बाद मेले का आनंद शु...

कफ़न by प्रेमचंद POST-1

Hindi Kahani - "कफ़न by प्रेमचंद" एक झोंपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए थे और अंदर बेटे की जवान बीवी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अंधकार में लय हो गया था। घीसू ने कहा—“मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।” माधव चिढ़कर बोला—”मरना ही है तो जल्दी मर क्यों नहीं जाती? देखकर क्या करूँ?” “तू बड़ा बेदर्द है बे! साल-भर जिसके साथ सुख-चैन से रहा, उसी के साथ इतनी बेवफ़ाई!” “तो मुझसे तो उसका तड़पना और हाथ-पाँव पटकना नहीं देखा जाता।” चमारों का कुनबा था और सारे गाँव में बदनाम। घीसू एक दिन काम करता तो तीन दिन आराम करता। माधव इतना कामचोर था कि आध घंटे काम करता तो घंटे भर चिलम पीता। इसलिए उन्हें कहीं मज़दूरी नहीं मिलती थी। घर में मुठ्ठी-भर भी अनाज मौजूद हो, तो उनके लिए काम करने की क़सम थी। जब दो-चार फ़ाक़े हो जाते तो घीसू पेड़ पर चढ़कर लकड़ियाँ तोड़ लाता और माधव बाज़ार...